दिलों में आग लबों पर गुलाब रखते हैं
सब अपने चेहरों पे दोहरी नका़ब रखते हैं
हमें चराग समझ कर बुझा न पाओगे
हम अपने घर में कई आफ़ताब रखते हैं
सब अपने चेहरों पे दोहरी नका़ब रखते हैं
हम अपने घर में कई आफ़ताब रखते हैं