सर झुकाओगे तो पत्थर देवता हो जाएगा
इतना मत चाहो उसे, वो बेवफ़ा हो जाएगा
जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे, रास्ता हो जाएगा
कितना सच्चाई से, मुझसे ज़िंदगी ने कह दिया
तू नहीं मेरा तो कोई, दूसरा हो जाएगा
मैं ख़ुदा का नाम लेकर, पी रहा हूँ दोस्तो,
ज़हर भी इसमें अगर होगा, दवा हो जाएगा
सब उसी के हैं, हवा, ख़ुश्बू, ज़मीनो-आस्माँ,
मैं जहाँ भी जाऊँगा, उसको पता हो जाएगा
रूठ जाना तो मोहब्बत की अलामत है मगर.
क्या खबर थी मुझसे वो इतना खफा हो जायेगा
-बशीर बद्र
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